नई दिल्लीः- PM Modi आज नई दिल्ली में आयोजित Nari Shakti Vandan Sammelan को संबोधित करेंगे। यह राष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम देश में महिलाओं की भागीदारी को सशक्त बनाने और शासन व्यवस्था में उनकी भूमिका को और विस्तार देने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।
महिलाओं की भागीदारी को नई दिशाः-
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, सम्मेलन में पंचायत से लेकर संसद तक महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को रेखांकित किया जाएगा। केंद्र सरकार का मानना है कि नीति-निर्माण और नेतृत्व के हर स्तर पर महिलाओं की मजबूत उपस्थिति से निर्णय प्रक्रिया अधिक समावेशी और प्रभावी बनती है। इसी दृष्टिकोण के तहत महिलाओं को राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
आपको बता दे कि इस सम्मेलन में शिक्षा, विज्ञान, खेल, उद्यमिता, मीडिया, सामाजिक सेवा और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाली महिलाएं शामिल होंगी। आयोजन के दौरान इनकी सफलता की कहानियों को साझा किया जाएगा, जिससे देशभर की महिलाओं और युवतियों को प्रेरणा मिल सके। इसके अलावा, महिला स्वयं सहायता समूहों और जमीनी स्तर पर काम करने वाली महिलाओं की भागीदारी भी कार्यक्रम की विशेषता रहेगी।
‘Nari Shakti Vandan अधिनियम’ की पृष्ठभूमिः-
इस सम्मेलन का एक प्रमुख फोकस ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर भी रहेगा, जिसे सितंबर 2023 में संसद द्वारा पारित किया गया था। इस ऐतिहासिक कानून के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का प्रावधान किया गया है। हालांकि, इसके लागू होने के लिए जनगणना और परिसीमन (Delimitation) की प्रक्रिया पूरी होना आवश्यक है, जिसके बाद इसे प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह कानून भारतीय राजनीति में महिलाओं की भागीदारी को नई ऊंचाई पर ले जाएगा, क्योंकि वर्तमान में संसद और विधानसभाओं में महिलाओं का प्रतिनिधित्व अपेक्षाकृत कम रहा है।
संसद सत्र में आगे की रणनीतिः-
गौरतलब है कि इस महीने 16 अप्रैल से शुरू होने वाले संसद सत्र में महिला आरक्षण को लागू करने की दिशा में आगे की रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है। सरकार इस कानून के क्रियान्वयन को लेकर विभिन्न राज्यों और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय बना रही है।
विकसित भारत 2047 में महिलाओं की भूमिकाः-
PM Modi द्वारा सम्बोधित यह सम्मेलन ‘विकसित भारत 2047’ के विजन से भी जुड़ा हुआ है, जिसमें महिलाओं को आर्थिक विकास, नवाचार, शिक्षा और नेतृत्व के केंद्र में रखने की योजना है। नीति निर्माताओं का मानना है कि यदि महिलाओं की भागीदारी हर क्षेत्र में बढ़ती है, तो भारत के विकास की गति और अधिक तेज हो सकती है।
ऐतिहासिक संदर्भ और वर्तमान परिप्रेक्ष्यः-
हम सभी यह जानते हैं कि भारत में महिला सशक्तिकरण की दिशा में कई अहम कदम पहले भी उठाए गए हैं, जैसे पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण, ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान और महिला स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा देना। Nari Shakti Vandan Sammelan इन्हीं प्रयासों की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है, जो देश में लैंगिक समानता को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
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