RBI MPC Meeting 2026: रेपो रेट पर शुक्रवार को बड़ा फैसला

नई दिल्लीः-  भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की तीन दिवसीय बैठक बुधवार से शुरू हो गई है। इस बैठक पर देशभर के निवेशकों, उद्योग जगत और आम उपभोक्ताओं की नजर टिकी हुई है। बैठक के बाद शुक्रवार को आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा नीतिगत फैसलों की घोषणा करेंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और बढ़ती महंगाई को देखते हुए RBI MPC Meeting 2026: रेपो रेट पर शुक्रवार को बड़ा फैसलाफिलहाल रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं कर सकता। हालांकि, केंद्रीय बैंक का रुख सतर्क रहने की संभावना है।

रेपो रेट पर क्या है बाजार की उम्मीद?

अर्थशास्त्रियों के अनुसार, मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों में RBI ‘वेट एंड वॉच’ यानी इंतजार और निगरानी की रणनीति अपना सकता है। बाजार को उम्मीद है कि वर्ष 2026 की चौथी तिमाही से ब्याज दरों में दो चरणों में कटौती की जा सकती है।

एचएसबीसी (HSBC) की मुख्य भारतीय अर्थशास्त्री प्रांजुल भंडारी का कहना है कि वैश्विक अनिश्चितताओं और महंगाई के जोखिमों को देखते हुए RBI फिलहाल नीतिगत दरों को स्थिर रख सकता है।

कच्चे तेल की कीमतों पर रहेगा फोकस

इस बार की मौद्रिक नीति समीक्षा में RBI के आर्थिक अनुमानों पर भी विशेष नजर रहेगी। विशेषज्ञ यह देखना चाहेंगे कि केंद्रीय बैंक कच्चे तेल की कीमतों के अपने अनुमान को पहले के 85 डॉलर प्रति बैरल से बढ़ाता है या नहीं।

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की कीमतों में अस्थिरता बनी हुई है, जिसका असर भारत की अर्थव्यवस्था और महंगाई पर पड़ सकता है।

महंगाई को लेकर बढ़ी चिंता

केयरएज रेटिंग्स की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, सामान्य से कमजोर मानसून की आशंका और ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी के कारण महंगाई का दबाव बढ़ रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मौजूदा महंगाई मुख्य रूप से आपूर्ति संबंधी चुनौतियों की वजह से बढ़ रही है, जबकि मांग पक्ष से दबाव अपेक्षाकृत कम है।

GDP ग्रोथ पर क्या है अनुमान?

एसबीआई रिसर्च ने भी अपने आकलन में कहा है कि बढ़ती महंगाई और वैश्विक अस्थिरता को देखते हुए आरबीआई रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं कर सकता। संस्था ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की GDP वृद्धि दर 6.6 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है।

शुक्रवार के फैसले पर टिकी निगाहें

RBI की मौद्रिक नीति समिति की इस बैठक का फैसला आने वाले महीनों में ब्याज दरों, महंगाई, कर्ज की लागत और आर्थिक विकास की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा। ऐसे में निवेशकों, कारोबारियों और आम लोगों की निगाहें अब शुक्रवार को होने वाली घोषणा पर टिकी हैं। (Source-PB)

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