नई दिल्लीः- संसद के विस्तारित बजट सत्र के तहत तीन दिन का विशेष अधिवेशन आज से शुरू हो गया है, जो 18 अप्रैल तक चलेगा। इस सत्र में सरकार का मुख्य फोकस Women Empowerment अधिनियम में प्रस्तावित संशोधनों पर रहेगा। जानकारी के मुताबिक, सरकार इस कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए तीन संशोधन विधेयक पेश कर सकती है।
दरअसल, लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाला Women Empowerment अधिनियम वर्ष 2023 में पारित हुआ था। लेकिन इसके लागू होने की प्रक्रिया अभी भी परिसीमन (Delimitation) जैसे अहम चरणों पर निर्भर है।
परिसीमन विधेयक के तहत लोकसभा में राज्यों को सीटों का आवंटन, राज्यों की विधानसभा सीटों की कुल संख्या तय करना और राज्यों को प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों में बांटना शामिल है। यही वजह है कि सरकार इस सत्र में इन प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी संशोधन लाने की तैयारी में है।
विपक्ष ने उठाए सवालः-
वहीं, विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता Mallikarjun Kharge ने कहा कि विपक्ष महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है, लेकिन जिस तरीके से यह विधेयक लाया जा रहा है, उस पर गंभीर आपत्तियां हैं। उन्होंने इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित कदम बताया।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता Jairam Ramesh ने भी परिसीमन से जुड़े प्रावधानों का विरोध किया है। उनका कहना है कि विपक्षी दल संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा में इस मुद्दे को मजबूती से उठाएंगे और बहस के दौरान इसका विरोध करेंगे।
ऐसे में साफ है कि जहां एक ओर सरकार महिला आरक्षण को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहती है, वहीं दूसरी ओर परिसीमन और प्रक्रिया को लेकर विपक्ष के साथ टकराव की स्थिति बनती नजर आ रही है। आने वाले तीन दिन संसद में इस मुद्दे पर तीखी बहस के गवाह बन सकते हैं।
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