नई दिल्लीः- सहकारिता क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि के तौर पर Amul और Saraswat Cooperative Bank ने वित्त वर्ष 2025–26 में ₹1 लाख करोड़ वार्षिक टर्नओवर का आंकड़ा पार कर लिया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने दोनों संस्थानों को बधाई दी है।
अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने संदेश में कहा कि Amul और Saraswat Cooperative Bank द्वारा इस स्तर तक पहुंचना सहकारिता की ताकत और उसकी अपार संभावनाओं का स्पष्ट प्रमाण है। उन्होंने इसे भारत के सहकारी ढांचे के लिए एक मील का पत्थर बताया।
अमित शाह ने इसे ऐतिहासिक बतायाः-
गृह मंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि न केवल सहकारी बैंकिंग और डेयरी सेक्टर के लिए ऐतिहासिक है, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था के लिए भी सकारात्मक संकेत है। उनके अनुसार, इस सफलता से “आत्मनिर्भर भारत” के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में नई ऊर्जा मिलेगी और छोटे किसानों, दुग्ध उत्पादकों तथा सहकारी संस्थाओं से जुड़े लाखों लोगों को लाभ होगा।
Amul, जो देश का सबसे बड़ा डेयरी सहकारी ब्रांड माना जाता है, लंबे समय से किसानों को सशक्त बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में अहम भूमिका निभा रहा है। वहीं Saraswat Cooperative Bank, देश के प्रमुख सहकारी बैंकों में से एक है, जिसने शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में वित्तीय सेवाओं के विस्तार में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन दोनों संस्थानों का ₹1 लाख करोड़ टर्नओवर पार करना इस बात का संकेत है कि सहकारिता मॉडल आज भी प्रासंगिक है और सही रणनीति के साथ बड़े पैमाने पर आर्थिक विकास का माध्यम बन सकता है। यह उपलब्धि अन्य सहकारी संस्थाओं के लिए भी प्रेरणा का काम करेगी।
अमित शाह ने इस अवसर पर दोनों संस्थानों से जुड़े सभी कर्मचारियों और हितधारकों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी मेहनत और समर्पण ने इस उपलब्धि को संभव बनाया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में सहकारिता क्षेत्र और अधिक मजबूत होगा और देश की अर्थव्यवस्था में अपनी भूमिका को और व्यापक करेगा।
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