पटना:- बिहार विधानसभा चुनाव के बाद नए समीकरण और मजबूत चेहरों पर दांव लगा , कांग्रेस (Congress) ने बड़ा संगठनात्मक फेरबदल किया है। ऐसा माना जा रहा है कि आगामी तैयारियों को धार देने के लिए कांग्रेस ने व्यापक स्तर पर संगठनात्मक बदलाव किए हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने राज्य में संगठनात्मक ज़िलों के पुनर्गठन के प्रस्ताव को मंज़ूरी देने के साथ ही पुनर्गठित ज़िला कांग्रेस समितियों के अध्यक्षों की नियुक्ति को भी तत्काल प्रभाव से स्वीकृति दे दी है।
यह पूरी प्रक्रिया ‘संगठन सृजन अभियान’ के तहत पूरी की गई है, जिसके अंतर्गत AICC (ऑल इंडिया कांग्रेस कमिटी) पर्यवेक्षकों ने हर ज़िले में विस्तृत समीक्षा कर पार्टी पदाधिकारियों और अन्य हितधारकों से संवाद किया। उनकी रिपोर्टों और वरिष्ठ नेताओं के साथ गहन चर्चा के बाद अंतिम निर्णय लिया गया।
चुनाव समीक्षा के बाद दिग्गजों की एंट्रीः-

बिहार विधानसभा चुनाव के परिणाम की समीक्षा के बाद कांग्रेस ने संगठन में कई दिग्गज नेताओं को शामिल किया है। खगड़िया में बनाए गए जिलाध्यक्ष चंदन यादव पहले कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव रह चुके हैं। वहीं औरंगाबाद के जिलाध्यक्ष आनंद शंकर यूथ कांग्रेस में राष्ट्रीय स्तर के पद पर रह चुके हैं और दो बार विधायक भी रहे हैं। सीतामढ़ी के अमित कुमार टुन्ना भी एक बार के विधायक रह चुके हैं, जबकि मुंगेर के राजेश मिश्रा जैसे कई अध्यक्ष विधानसभा के चुनाव भी लड़ चुके हैं।
मजबूत चेहरों पर दांवः-
इस बार कांग्रेस ने जिलाध्यक्षों की सूची तैयार करते समय एक नई रणनीति अपनाई है। पार्टी ने उन नेताओं को प्राथमिकता दी है जिनकी अपने-अपने जिलों में मजबूत पकड़ है। यह नहीं देखा गया कि वे पहले किस पद पर रहे हैं, बल्कि उनकी स्थानीय प्रभावशीलता को आधार बनाया गया है।
कांग्रेस ने कई मामलों में राष्ट्रीय स्तर के नेताओं को सीधे ज़िला स्तर की जिम्मेदारी सौंपी है, ताकि वे अपनी पकड़ के दम पर जिले में संगठन को मज़बूत कर सकें।
10 जिलाध्यक्षों पर दोबारा भरोसा जतायाः-
कांग्रेस ने 10 जिलाध्यक्षों पर दोबारा भरोसा जताया है। इनमें गोपालगंज से ओमप्रकाश गर्ग, कैमूर से राधेश्याम कुशवाहा, लखीसराय से अमरेश कुमार अनीश, मुजफ्फरपुर से अरविंद कुमार मुकुल, पटना ग्रामीण-2 से गुरजीत सिंह, सहरसा से मुकेश झा, सिवान से सुशील कुमार, गोविंदगंज से शशि भूषण राय, कटिहार ग्रामीण से सुनील यादव और शेरघाटी-बोधगया से संतोष कुमार शामिल हैं।
हालांकि कुछ नेताओं के कार्यक्षेत्र बदले गए हैं। जिसमें शशि भूषण को पूर्वी चंपारण की जगह गोविंदगंज, संतोष कुमार को गया की जगह शेरघाटी-बोधगया और सुनील यादव को कटिहार की जगह कटिहार ग्रामीण की जिम्मेदारी दी गई है। पटना टाउन के जिलाध्यक्ष को भी बदला गया है।
पुराने सामाजिक समीकरण पर लौटती कांग्रेसः-
संगठनात्मक बदलाव में सामाजिक संतुलन का भी ध्यान रखा गया है। 53 संगठनात्मक जिलों में ब्राह्मण और यादव नेताओं को 10-10 जिलों की कमान दी गई है। इसके बाद मुसलमान, दलित और भूमिहार नेताओं को 7-7 जिलों की जिम्मेदारी मिली है, जबकि राजपूत नेताओं को 5 जिलों का नेतृत्व सौंपा गया है।
कुल 53 में से 38 संगठनात्मक जिले सवर्ण, दलित और मुसलमान नेताओं को दिए गए हैं। इससे संकेत मिलता है कि कांग्रेस बिहार में अपने पारंपरिक सामाजिक समीकरण को फिर से मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।
संगठनात्मक जिले – जिला अध्यक्ष
अररिया – मो. मासूम रजा
अरवल – मो. कैफ
औरंगाबाद – आनंद शंकर सिंह
बांका – जितेंद्र सिंह
बेगूसराय – शिव प्रकाश गरीबदास
भागलपुर – प्रवीण सिंह कुशवाहा
भोजपुर – डॉ. श्रीधर तिवारी
बक्सर – पंकज कुमार उपाध्याय
दरभंगा (ग्रामीण) – मिथिलेश चौधरी
दरभंगा (शहरी) – डॉ. जमाल हसन
शेरघाटी बोधगया – संतोष कुमार
गयाजी – रजनीश कुमार
गोपालगंज – ओम प्रकाश गर्ग
जहानाबाद – प्रो. संजीव कुमार
जमुई – धर्मेंद्र कुमार गौतम
कैमूर – राधेश्याम कुशवाहा
कटिहार (ग्रामीण) – सुनील यादव
कटिहार (शहरी) – संजय सिंह
खगड़िया – चंदन यादव
किशनगंज – शहाबुल अख्तर
लखीसराय – अमरेश कुमार अनीश
मधेपुरा – संतोष कुमार सौरभ
मधुबनी (पूर्व) – नलिनी रंजन झा
मधुबनी (पश्चिम) – मीना देवी कुशवाहा
मुंगेर – राजेश मिश्रा
कांटी – कृपा शंकर शाही
मुजफ्फरपुर – अरविंद कुमार मुकुल
बिहारशरीफ – ओमैर खान
नालंदा – विवेक सिन्हा
नवादा – प्रभाकर कुमार झा
बेतिया – राकेश कुमार यादव
बगहा – नरेश राम
पटना ग्रामीण-1 – चंदन कुमार
पटना ग्रामीण-2 – गुरजीत सिंह
पटना शहरी – कुमार आशीष
पूर्णिया शहरी – कुमार आदित्य
पूर्णिया ग्रामीण – अफरोज आलम
मोतिहारी – अखिलेश दयाल
गोविंदगंज – शशि भषण राय
रोहतास – जय प्रकाश पांडेय
सहरसा – मुकेश झा
समस्तीपुर (ग्रामीण) – सिद्धार्थ क्षत्रिय
समस्तीपुर (शहरी) – अनीता राम
छपरा – डॉ. शंकर चौधरी
सोनपुर – सुधीर कुमार राय
शेखपुरा – आनंदी कुमार
शिवहर – अफरोज आलम
सीतामढ़ी – अमित कुमार टुना
सीवान – सुशील कुमार
महाराजगंज – जवाहर भाई
सुपौल – अनुपम सिंह
वैशाली (ग्रामीण) – रंजीत पंडित
वैशाली (शहरी) – संजय मिश्रा
कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि यह नया संगठनात्मक ढांचा पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करेगा और आगामी चुनौतियों के लिए बेहतर तरीके से तैयार करेगा।
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