भाजपा (BJP) राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का इस्तीफा टला

पटनाः-  बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में बांकीपुर विधान सभा क्षेत्र से 5वीं बार विधायक बने, भाजपा के नव निर्वाचित राज्यसभा सांसद सह राष्ट्रीय अध्यक्ष, नितिन नवीन का इस्तीफा टल गया है। खबरों के अनुसार 29 मार्च को सुबह 09 से 10 बजे के बीच, नितिन का विधानसभा सदस्य से इस्तीफा तय था।

नितिन नवीन को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद उन्हें लगातार दिल्ली में रहना पड़ा। ऐसे में बांकीपुर विधानसभा सीट से उनका इस्तीफा तय माना जा रहा था। नितिन नवीन 14 दिसंबर 2025 को भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष चुना गया

इसके बाद उन्होंने 18 दिसंबर को मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। एक महीने तक कार्यकारी अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने, अपने गृह प्रदेश बिहार, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों का दौरा किया। 20 जनवरी को उन्हें स्वतंत्र रूप से राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया। इसके बाद ही बांकीपुर सीट से इस्तीफे की चर्चा शुरू हो गई थी। परन्तु ये चर्चा बस इस आधार पर हो रही थी कि क्या एक राष्ट्रीय पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष किसी विधानसभा का सदस्य होगा, या उसे राष्ट्रीय स्तर पर लोकसभा  या राज्यसभा का सदस्य बनाया जाएगा?

बिहार में बीते 16 मार्च को राज्यसभा की 5 सीटों पर चुनाव संपन्न हुआ। जिसमें भाजपा (BJP) से नितिन नवीन, शिवेश कुमार, जेडीयू (JDu) से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, रामनाथ ठाकुर, तथा रालोमो सुप्रीमो उपेंद्र कुशवाहा राज्यसभा के सदस्य चुने गए। जिसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन क्रमशः बिहार विधान परिषद और बिहार विधान सभा का सदस्य हैं।

नियमानुसार किसी भी व्यक्ति का किसी एक सदन का सदस्य रहते हुए दूसरे सदन का सदस्य निर्वाचित होने पर 14 दिनों के भीतर किसी एक सदन की सदस्यता से इस्तीफा देना होता है।

बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार

बिहार विधान सभा अध्यक्ष की रायः-

बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने शुक्रवार को पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि किसी सदन का सदस्य यदि दूसरे सदन का सदस्य निर्वाचित हो जाता है तो उसे नियमानुसार 14 दिनों में किसी एक सदन की सदस्यता से इस्तीफा देना होता हैमुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी राज्यसभा के लिए निर्वाचित हो गए हैं। लिहाजा, उन्हें 30 मार्च तक इस्तीफा देना होगा।

प्रेम कुमार ने कहा कि मुझे विश्वास है कि निश्चित समय सीमा के अंदर उनका इस्तीफा होगा। नीतीश कुमार विधानपरिषद की सदस्यता से जबकि नितिन नवीन विधानसभा से इस्तीफा देंगे। विधानसभा अध्यक्ष के नाते उनका इस्तीफा मेरे पास आएगा। वे दोनों 10 अप्रैल को राज्यसभा में शपथ लेकर नयी पाली शुरू करेंगे।

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