BBAU दीक्षांत समारोह में गोल्ड मेडलिस्टों की नाराजगी, 22 छात्रों को ही मंच से सम्मान..?

लखनऊ:- बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय (BBAU) का 11वां दीक्षांत समारोह आज 29 अगस्त को आयोजित किया जा रहा है। समारोह में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हो रहे हैं। विश्वविद्यालय के अनुसार शैक्षणिक वर्ष 2023, 2024, 2025 और 2026 के कुल 8,551 विद्यार्थियों को विभिन्न पाठ्यक्रमों की उपाधियां प्रदान की जाएंगी।

समारोह में विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों को सम्मानित करने के लिए स्वर्ण पदक और अन्य पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे। हालांकि, *मंच से सम्मानित किए जाने वाले विद्यार्थियों की संख्या सीमित रखे जाने को लेकर कुछ विद्यार्थियों में असंतोष देखने को मिल रहा है।*

मुख्य मंच से सिर्फ 22 मेधावियों को मिलेगा सम्मान

विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक मुख्य समारोह के दौरान मंच से कुल 22 मेधावी विद्यार्थियों* को उपाधि या पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इनमें स्नातक एवं परास्नातक स्तर के 17 मेधावी/विश्वविद्यालय टॉपर, एक डीएससी उपाधि प्राप्तकर्ता और आर.डी. सोनकर अवार्ड पाने वाले चार विद्यार्थी शामिल हैं।

वहीं, अन्य स्वर्ण पदक विजेताओं को उनके संबंधित विभागों में विभागाध्यक्ष और विभाग की ओर से आमंत्रित अतिथि द्वारा सम्मानित किए जाने की व्यवस्था बताई गई है।

गोल्ड मेडलिस्ट छात्रों में नाराजगी

मंच पर सम्मानित होने वाले विद्यार्थियों की संख्या सीमित किए जाने को लेकर कुछ गोल्ड मेडलिस्ट विद्यार्थियों में नाराजगी साफ दिखाई दे रही है। विद्यार्थियों का कहना है कि उन्होंने अपने-अपने विभाग में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर गोल्ड मेडल हासिल किया है और उनके लिए दीक्षांत समारोह जीवन का एक महत्वपूर्ण अवसर है।

कुछ विद्यार्थियों का सवाल है कि जब उन्हें मुख्य अतिथि के हाथों मंच पर सम्मानित नहीं किया जाना था, तो उन्हें मुख्य समारोह में बुलाने का उद्देश्य क्या है।

एक छात्र ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, “अगर हमें दीक्षांत समारोह के मंच पर सम्मानित ही नहीं किया जाना था तो क्या हमें सिर्फ तालियां बजाने के लिए बुलाया गया है?”

चार वर्षों के विद्यार्थियों को मिल रही डिग्री

BBAU का यह दीक्षांत समारोह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें 2023 से 2026 तक के पात्र विद्यार्थियों को एक साथ उपाधियां प्रदान की जा रही हैं। विश्वविद्यालय के मुताबिक 2023 के 2,139, 2024 के 2,115, 2025 के 2,237 और 2026 के 2,041 विद्यार्थियों के अलावा बैकलॉग के 19 विद्यार्थियों को भी उपाधियां दी जानी हैं।

विश्वविद्यालय ने समारोह को दो चरणों में आयोजित करने की व्यवस्था की है। पहले चरण में मुख्य समारोह के दौरान चयनित विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा, जबकि दूसरे चरण में संबंधित विभागों में अन्य विद्यार्थियों को उपाधियां और सम्मान प्रदान किए जाएंगे।

अब सवाल सम्मान के तरीके पर

दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों के वर्षों की मेहनत और उपलब्धियों का उत्सव माना जाता है। ऐसे में मंच पर सम्मानित होने वाले विद्यार्थियों की संख्या सीमित किए जाने को लेकर उठ रहे सवालों ने समारोह के उत्साह के बीच असंतोष का माहौल भी पैदा कर दिया है।

हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से मुख्य मंच पर 22 विद्यार्थियों को सम्मानित किए जाने की व्यवस्था को लेकर कारण स्पष्ट किया गया है, लेकिन अन्य गोल्ड मेडलिस्ट विद्यार्थियों की नाराजगी इस बात को लेकर है कि जब उपलब्धि समान रूप से महत्वपूर्ण है, तो सम्मान का मंच अलग-अलग क्यों हो?

अब देखना होगा कि दीक्षांत समारोह के दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन विद्यार्थियों की इस नाराजगी को लेकर क्या रुख अपनाता है।

Meraj Ansari

Mohammad Meraj Graduation In Economics From Delhi University PG In Public Administration From BBAU Lucknow Expert areas- Rular and Urban development areas,local administrative structure, public policy structure nd Policy making nd regional political content writer.

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