नई दिल्लीः- वर्ष 2026 Assembly Elections में असम, केरल और पुडुचेरी ने मतदान प्रतिशत के मामले में नया इतिहास रच दिया है। भारत निर्वाचन आयोग के मुताबिक, इन तीनों राज्यों में पिछले 50 वर्षों का सबसे अधिक मतदान दर्ज किया गया है, जो लोकतंत्र के प्रति जनता के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।
आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, असम में 85.38 प्रतिशत मतदान हुआ, जो 2016 के 84.67 प्रतिशत से अधिक है। पुडुचेरी में 89.83 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई, जो 2011 के 86.19 प्रतिशत से ज्यादा है। वहीं केरल में 78.03 प्रतिशत मतदान हुआ, जिसे मजबूत और संतुलित भागीदारी के रूप में देखा जा रहा है।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह केवल भारत ही नहीं, बल्कि वैश्विक लोकतंत्र के लिए भी एक मिसाल है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में मतदाताओं की भागीदारी चुनाव प्रक्रिया में विश्वास को मजबूत करती है।
लोकतंत्र में बढ़ती महिलाओं की भागीदारीः-
गौरतलब है कि इस 2026 Assembly Elections चुनावों में महिलाओं की भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। कई क्षेत्रों में महिलाओं ने पुरुषों से अधिक मतदान किया, जो सामाजिक जागरूकता और राजनीतिक भागीदारी में बदलाव का संकेत देता है।
चुनाव आयोग के अनुसार, पारदर्शी मतदाता सूची और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया ने लोगों का भरोसा बढ़ाया है। इस बार सभी मतदान केंद्रों पर 100 प्रतिशत लाइव वेबकास्टिंग की व्यवस्था की गई, जिससे निगरानी और पारदर्शिता में सुधार हुआ। कुल 63,084 मतदान केंद्रों पर शांतिपूर्ण मतदान संपन्न हुआ।
आपको बता दे कि 296 विधानसभा सीटों के लिए हुए इस चुनाव में 5.31 करोड़ से अधिक मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। जिसमें कुल 1,899 उम्मीदवार चुनावी मैदान में थे और बड़ी संख्या में चुनावकर्मी तैनात किए गए थे।
दिव्यांग मतदाताओं के लिए भी विशेष व्यवस्थाएं की गईं, जिनमें व्हीलचेयर, स्वयंसेवक और परिवहन सुविधाएं शामिल हैं। इससे उनकी भागीदारी में भी वृद्धि दर्ज की गई।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी साखः-
इसके अलावा, चुनाव प्रक्रिया को देखने के लिए 22 देशों के 38 प्रतिनिधि मौजूद रहे, जिससे भारतीय चुनाव प्रणाली की अंतरराष्ट्रीय विश्वसनीयता और मजबूत हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह रिकॉर्ड मतदान देश में मजबूत, समावेशी और भरोसेमंद लोकतंत्र का संकेत है।
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