नई दिल्ली:- पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत और अमेरिका के शीर्ष नेतृत्व के बीच कूटनीतिक संवाद तेज हो गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रम्प के बीच हुई टेलीफोनिक वार्ता में क्षेत्रीय हालात पर गंभीर और सार्थक चर्चा की गई।
वार्ता के दौरान दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की तेजी से बदलती परिस्थितियों पर चिंता व्यक्त की और इस बात पर सहमति जताई कि क्षेत्र में तनाव कम करना और शांति बहाल करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट रूप से कहा कि भारत हमेशा संवाद, संयम और कूटनीति के माध्यम से समाधान का पक्षधर रहा है और आगे भी रहेगा।
प्रधानमंत्री ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज़ स्ट्रेट का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि इस समुद्री मार्ग का खुला, सुरक्षित और निर्बाध संचालन न केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक शांति, स्थिरता और आर्थिक संतुलन के लिए अनिवार्य है।
दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि मौजूदा परिस्थितियों में निरंतर संवाद और आपसी समन्वय बेहद जरूरी है। इसी के तहत उन्होंने पश्चिम एशिया की स्थिति पर लगातार संपर्क में बने रहने और शांति स्थापित करने के प्रयासों को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई।
PM मोदी ने इस बातचीत की जानकारी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा करते हुए लिखा कि भारत पश्चिम एशिया में जल्द से जल्द शांति बहाली का समर्थक है और वैश्विक हितों को ध्यान में रखते हुए सभी जरूरी कदमों का समर्थन करता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह वार्ता ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव अपने चरम पर है। ऐसे में भारत और अमेरिका जैसे प्रभावशाली देशों के बीच संवाद क्षेत्र में स्थिरता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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