वैश्विक तनाव के बीच राहत: देशभर में LPG Supply सुचारु

नई दिल्लीः- पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के चलते वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताओं के बीच केंद्र सरकार ने देशवासियों को बड़ी राहत दी है। सरकार के मुताबिक, घरेलू LPG Supply सिलेंडरों की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है और कहीं भी कमी या बाधा की स्थिति नहीं है।

रिकॉर्ड डिलीवरी से भरोसा कायमः-

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, 18 अप्रैल 2026 को एक ही दिन में 53.5 लाख से अधिक घरेलू LPG Supply  सिलेंडरों की डिलीवरी की गई। यह आंकड़ा दर्शाता है कि मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद देश में ईंधन की उपलब्धता पर कोई असर नहीं पड़ा है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि बुकिंग के मुकाबले डिलीवरी सामान्य बनी हुई है और किसी भी डिस्ट्रीब्यूटर स्तर पर कमी की रिपोर्ट नहीं मिली है। सरकार ने साफ किया है कि संकट के इस दौर में घरों तक रसोई गैस की निर्बाध आपूर्ति सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आम नागरिकों को खाना पकाने के लिए जरूरी ईंधन की कमी का सामना न करना पड़े।

डिजिटल सिस्टम से बढ़ी पारदर्शिता
LPG वितरण प्रणाली में डिजिटल माध्यमों का तेजी से विस्तार हुआ है। वर्तमान में लगभग 98 प्रतिशत बुकिंग ऑनलाइन की जा रही हैं, जबकि 93 प्रतिशत से अधिक डिलीवरी ‘डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड’ (DAC) के जरिए सत्यापित की जा रही है। इससे पारदर्शिता बढ़ी है और सिलेंडरों के दुरुपयोग पर रोक लगी है।

कमर्शियल सेक्टर के लिए भी विशेष प्रबंधनः-

सरकार ने घरेलू LPG के साथ-साथ PNG और CNG की 100 प्रतिशत उपलब्धता सुनिश्चित की है। वहीं, कमर्शियल  LPG Supply को प्राथमिकता के आधार पर अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों, दवा कंपनियों, स्टील, ऑटोमोबाइल और कृषि क्षेत्रों में आवंटित किया जा रहा है।

आपको बता दे कि मार्च के मध्य से अब तक 1.67 लाख मीट्रिक टन से अधिक कमर्शियल LPG की आपूर्ति की जा चुकी है, जो लगभग 88 लाख 19 किलोग्राम वाले सिलेंडरों के बराबर है। सरकार ने यह भी बताया कि कमर्शियल सप्लाई को धीरे-धीरे सामान्य स्तर के करीब, करीब 70 प्रतिशत तक पहुंचा दिया गया है।

प्रवासी मजदूरों के लिए विशेष कदमः-

प्रवासी मजदूरों को ध्यान में रखते हुए 5 किलोग्राम वाले ‘फ्री ट्रेड LPG सिलेंडरों’ की सप्लाई दोगुनी कर दी गई है। यह निर्णय मार्च के खपत पैटर्न के आधार पर लिया गया है, जिससे जरूरतमंद वर्ग को राहत मिल सके।

वैकल्पिक ईंधनों की भी व्यवस्था

LPG की मांग को संतुलित रखने के लिए केरोसिन और कोयले जैसे वैकल्पिक ईंधनों की उपलब्धता भी बढ़ाई गई है। कोयला मंत्रालय ने ‘कोल इंडिया’ और ‘सिंगरेनी कोलियरीज’ को राज्यों के लिए कोयले का आवंटन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं, ताकि छोटे और मध्यम उपभोक्ताओं तक सप्लाई सुनिश्चित हो सके। सरकार ने कहा है कि वह पूरे हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और घरेलू बाजार में स्थिरता बनाए रखते हुए ऊर्जा की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए हर जरूरी कदम उठा रही है।

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