नई दिल्ली:– निर्वाचन आयोग ने गुरुवार को 3 राज्यों की 3 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की घोषणा कर दी है। इनमें बिहार का बांकीपुर मध्य प्रदेश का दतिया और गुजरात का मंजलपुर विधान सभा क्षेत्र शामिल है। चुनावी तारीखों के ऐलान के साथ ही संबंधित क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है।
बिहार के बांकीपुर विधान सभा सीट के खाली होने की वजह 4 बार के विधायक नितिन नवीन का राज्यसभा जाना है। वे इस सीट से नवंबर 2025 में हुए बिहार विधान सभा के आम चुनाव में चौथी बार विधायक बनें। भाजपा (BJP) द्वारा जनवरी 2026 में राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने के बाद उन्हें राज्यसभा भेजा गया, जिससे यह सीट रिक्त हो गई। दतिया सीट से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भाटी को दिल्ली की राउज़ एवेन्यू अदालत ने उन्हें एक सहकारी बैंक धोखाधड़ी और जालसाजी मामले में तीन साल की जेल की सजा सुनाई, जिसके बाद चुनाव आयोग ने उनकी सदस्यता को रद्द कर सीट को रिक्त कर दिया। जबकि गुजरात की मंजलपुर सीट से विधायक योगेशभाई नरदास पटेल के निधन के बाद रिक्त हुई है।
चुनाव कार्यक्रम घोषित
चुनाव आयोग के अनुसार, उपचुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया 6 जुलाई से शुरू होकर 12 जुलाई तक चलेगी। नामांकन पत्रों की जांच 14 जुलाई को होगी और उम्मीदवार 16 जुलाई तक अपना नाम वापस ले सकेंगे। मतदान 30 जुलाई को कराया जाएगा, जबकि मतगणना 3 अगस्त को होगी।
नितिन नवीन का राजनीतिक सफर
नवीन ने इसी वर्ष जनवरी 2026 में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद संभाला था। उन्होंने वर्तमान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा का स्थान लिया, जो 2020 से इस पद पर थे। नितिन चार बार विधायक और बिहार सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। अप्रैल में वे पहली बार राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए।
बांकीपुर सीट पर बढ़ी सियासी हलचल
बांकीपुर उपचुनाव को काफी हाईप्रोफाइल माना जा रहा है। चर्चा है कि , प्रशांत किशोर जो जनसुराज पार्टी के संस्थापक हैं, इस सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। हालांकि 2025 के विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी को कोई सफलता नहीं मिली थी, लेकिन इस उपचुनाव के जरिए वे अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने की कोशिश कर सकते हैं। पार्टी की कोर कमेटी 4 जुलाई को उम्मीदवार पर अंतिम फैसला लेगी और 5 जुलाई को आधिकारिक घोषणा की जाएगी।
आचार संहिता लागू
चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही संबंधित क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो गई है। इसके तहत सरकार और राजनीतिक दल अब कोई नई घोषणाएं नहीं कर सकेंगे और मतदाताओं को प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर भी रोक रहेगी।
अब सभी की नजरें बांकीपुर सीट पर टिकी हैं, जहां यह उपचुनाव आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक समीकरणों की दिशा तय कर सकता है।
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