नई दिल्लीः- कतर से LPG लेकर रवाना हुआ भारतीय जहाज नंदा देवी मंगलवार को होर्मुज जलडमरूमध्य पार करते हुए कांडला बंदरगाह पहुंचने वाला है। इससे पहले सोमवार को शिवालिक लगभग 45-46 हजार टन LPG लेकर मुंद्रा बंदरगाह पहुंच चुका है।
इन जहाजों के सुरक्षित आगमन से संवेदनशील समुद्री मार्गों के जरिए ईंधन आपूर्ति को लेकर बनी चिंताओं के बीच राहत की उम्मीद बढ़ी है।
बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने एक अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में बताया कि टैंकर होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर सफलतापूर्वक खुले समुद्र में प्रवेश कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ दोनों मिलाकर करीब 92,700 मीट्रिक टन एलपीजी भारत ला रहे हैं। ये जहाज सरकारी स्वामित्व वाली शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के हैं।
सिन्हा ने यह भी स्पष्ट किया कि फारस की खाड़ी में कार्यरत सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और किसी अप्रिय घटना की कोई सूचना नहीं है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस क्षेत्र में होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिम में 22 भारतीय जहाज मौजूद हैं, जिनमें कुल 611 नाविक सवार हैं।
इसी बीच, संयुक्त अरब अमीरात से लगभग 81,000 टन कच्चा तेल लेकर आ रहा जहाज जग लाडकी भी मुंद्रा बंदरगाह की ओर बढ़ रहा है। जहाज और उस पर सवार सभी भारतीय नाविक सुरक्षित बताए गए हैं।
गौरतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में शामिल है, जहां से वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है। क्षेत्र में जारी तनाव के मद्देनज़र भारतीय अधिकारी जहाजों की आवाजाही पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं और चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं।
मंत्रालय ने कहा है कि देश के प्रमुख बंदरगाह शिपिंग गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और आवश्यक सहयोग प्रदान कर रहे हैं, जिसमें लंगरगाह, किराया और भंडारण शुल्क में रियायतें भी शामिल हैं।
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