नई दिल्ली: केंद्र सरकार 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर, 2026 तक विशेष अभियान 6.0 चलाने जा रही है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को बढ़ावा देना, लंबित मामलों का समयबद्ध निपटारा करना और कार्यालयों में उपलब्ध जगह का बेहतर इस्तेमाल सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही सरकारी दफ्तरों में जमा ई-कचरे के वैज्ञानिक निपटान और पुराने अभिलेखों के व्यवस्थित प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
सरकार का यह वार्षिक अभियान तीन चरणों में आयोजित किया जाएगा। इसके तहत विभिन्न मंत्रालयों और विभागों को कार्यालयों में स्वच्छता बनाए रखने के साथ-साथ लंबित फाइलों, जन शिकायतों और अन्य सरकारी मामलों के निपटारे के लिए निर्धारित समयसीमा में काम करना होगा।
तीन चरणों में चलेगा विशेष अभियान 6.0
विशेष अभियान 6.0 की शुरुआत 15 सितंबर से 30 सितंबर, 2026 तक चलने वाले तैयारी चरण से हुई है। इस दौरान मंत्रालयों और विभागों को निपटान के लिए लंबित दस्तावेजों और फाइलों की पहचान करने की जिम्मेदारी दी गई है। इसमें सांसदों, राज्य सरकारों, अंतर-मंत्रालयी पत्राचार, कैबिनेट नोट्स और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से जुड़े लंबित संदर्भों को शामिल किया गया है।
इसके अलावा तीन महीने से अधिक समय से लंबित संसदीय आश्वासनों, सार्वजनिक शिकायतों और अपीलों की भी समीक्षा की जा रही है। इस चरण में पुरानी फाइलों की छंटाई, अभिलेखों को व्यवस्थित करने और अनावश्यक ई-फाइलों को बंद करने की प्रक्रिया भी शामिल है।
अभियान का दूसरा चरण 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक चलेगा। इस दौरान सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता अभियान चलाने के साथ अनुपयोगी सामग्री और ई-कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निपटान किया जाएगा। वहीं, लंबित मामलों को निर्धारित समयसीमा में निपटाने पर भी जोर रहेगा।
तीसरा और अंतिम चरण 16 नवंबर से 30 नवंबर, 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इस दौरान विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में अभियान के तहत हुए कार्यों और उनके परिणामों की समीक्षा की जाएगी।
ई-कचरे के निपटान पर रहेगा विशेष ध्यान
इस बार के अभियान में ई-कचरे के व्यवस्थित संग्रह, पृथक्करण और पर्यावरण के अनुकूल निपटान को प्राथमिकता दी गई है। इसके लिए विभागों को पहले से आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अभियान के दौरान इलेक्ट्रॉनिक कचरे का सुरक्षित और वैज्ञानिक तरीके से निपटान किया जा सके।
सरकार का जोर केवल कार्यालयों की सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसी व्यवस्था विकसित करने पर भी है, जिससे स्वच्छता और बेहतर अभिलेख प्रबंधन सरकारी कामकाज का नियमित हिस्सा बन सकें।
विशेष अभियान 5.0 में वाणिज्य विभाग ने हासिल किए थे ये परिणाम
पिछले वर्ष आयोजित विशेष अभियान 5.0 के दौरान वाणिज्य विभाग ने फाइलों की समीक्षा और कार्यालयों में स्वच्छता के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम किया था। विभाग ने कुल 88,385 फाइलों की समीक्षा की, जिनमें से 46,255 फाइलों को हटाया गया। इस प्रक्रिया से 36,005 वर्ग फुट कार्यालय स्थान खाली हुआ।
इसके अलावा, कबाड़ के निपटान से लगभग 70 लाख रुपये की राशि प्राप्त हुई, जबकि अभियान के दौरान विभाग के 277 स्थलों पर स्वच्छता गतिविधियां संचालित की गईं।
विशेष अभियान 5.0 के इन परिणामों के आधार पर विशेष अभियान 6.0 में भी स्वच्छता, अभिलेखों के बेहतर प्रबंधन और कार्यालयों में उपलब्ध संसाधनों के प्रभावी इस्तेमाल को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
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