सहवाग से लेकर सूर्या तक: भारतीय T20 कप्तानी की वो कहानी, जो एक इत्तेफाक से शुरू होकर ‘बादशाहत’ तक पहुंची

Indian Team: आज जब हम भारतीय टी20 टीम को दुनिया की सबसे ताकतवर क्रिकेट टीमों में गिनते हैं, तो लगता है कि यह सफर हमेशा से इतना ही चमकदार रहा होगा। तीन-तीन टी20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी हमारी अलमारी में सज चुकी हैं। लेकिन सच्चाई यह है कि जिस टी20 फॉर्मेट में आज भारत का सिक्का चलता है, उसकी शुरुआत बेहद बिना किसी शोर-शबाबे के हुई थी।

आइए पलटते हैं इतिहास के पन्ने और देखते हैं कि कैसे एक ‘अचानक’ मिली कप्तानी से शुरू हुआ यह सफर आज सफलता के नए आयाम छू रहा है।

राहुल द्रविड़ की चोट और ‘कप्तान’ वीरेंद्र सहवाग का इत्तेफाक

 

बात दिसंबर 2006 की है। भारतीय टीम दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर थी। वनडे सीरीज के बीच एक अकेला टी20 मैच रख दिया गया था। उस वक्त न तो खिलाड़ियों को इस फॉर्मेट का ज्यादा अंदाजा था और न ही बोर्ड ने इसे कोई खास गंभीरता से लिया था।

मैच से ठीक पहले नियमित कप्तान राहुल द्रविड़ चोटिल हो गए। आनन-फानन में कप्तानी का आर्मबैंड सौंपा गया विस्फोटक सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग को। जोहान्सबर्ग के मैदान पर सहवाग ने टॉस जीता, 29 गेंदों में 34 रन बनाए और भारत को जीत की दहलीज तक पहुंचाया। भारत ने 127 रनों का लक्ष्य आखिरी ओवर में हासिल कर लिया।

एक दिलचस्प तथ्य: बतौर टी20 कप्तान वीरेंद्र सहवाग का यह पहला और आखिरी मैच साबित हुआ। इसके बाद वे कभी भारत के कप्तान नहीं बने। यानी आंकड़े बताते हैं कि सहवाग का टी20 कप्तानी करियर 100% जीत के रिकॉर्ड के साथ खत्म हुआ!

एमएस धोनी: वो दौर जब एक युवा टीम ने दुनिया जीत ली

 

2007 में जब पहले टी20 विश्व कप का बिगुल बजा, तो सीनियर खिलाड़ियों ने इससे दूरी बना ली। कमान सौंपी गई महेंद्र सिंह धोनी नाम के एक युवा कप्तान को। धोनी ने युवा और बेफिक्र खिलाड़ियों की एक ऐसी फौज तैयार की, जिसने जोहान्सबर्ग में इतिहास रचते हुए भारत को पहला टी20 वर्ल्ड कप दिला दिया।

धोनी ने सिर्फ ट्रॉफी ही नहीं जीती, बल्कि देश में टी20 क्रिकेट का रोमांच और सोच दोनों बदल दी। 2007 से 2016 तक धोनी ने रिकॉर्ड 72 मैचों में कप्तानी की और भारतीय टी20 क्रिकेट की सबसे मजबूत नींव रखी।

विराट कोहली और रोहित शर्मा: आक्रामकता और ‘स्वर्णिम युग’

  • विराट कोहली की एग्रेशन: धोनी के बाद कमान संभालने वाले विराट कोहली ने टीम को एक फाइटिंग स्पिरिट दी। 2017 से 2021 के बीच कोहली की कप्तानी में भारत ने 50 में से 30 मैच जीते। भले ही वे कोई आईसीसी ट्रॉफी नहीं उठा सके, लेकिन बतौर कप्तान और बल्लेबाज उनका दबदबा दुनिया ने देखा।

  • रोहित शर्मा का ‘हिटमैन’ दौर: रोहित शर्मा की कप्तानी को भारतीय टी20 का ‘गोल्डन एरा’ कहा जाए तो गलत नहीं होगा। 62 मैचों में 49 जीत और लगभग 80% का विनिंग रेट! रोहित ने 2024 का टी20 वर्ल्ड कप जीतकर भारत के लंबे समय से चले आ रहे आईसीसी ट्रॉफी के सूखे को खत्म किया और शान से इस फॉर्मेट को अलविदा कहा।

    सूर्या का खौफनाक दबदबा और वर्कलोड मैनेजमेंट

रोहित के बाद भारतीय क्रिकेट में बदलाव का दौर आया। बीसीसीआई ने खिलाड़ियों के वर्कलोड को देखते हुए हार्दिक पांड्या, केएल राहुल और शुभमन गिल जैसे खिलाड़ियों को मौके दिए।

लेकिन आंकड़ों के मामले में असली तहलका मचाया सूर्यकुमार यादव ने। 2023 के बाद से सूर्या की कप्तानी में भारत ने ऐसा दबदबा बनाया कि विपक्षी टीमें पानी मांगती दिखीं। 52 मैचों में 40 जीत, 82% का स्ट्राइक रेट, एशिया कप और 2026 टी20 विश्व कप की जीत इस बात का गवाह है कि सूर्या ने टीम को जीत की आदत डाल दी थी।

अब श्रेयस अय्यर के सामने ‘विरासत’ संभालने की चुनौती

धोनी, रोहित और सूर्या जैसे कप्तानों की शानदार विरासत के बाद अब यह जिम्मेदारी श्रेयस अय्यर के हाथों में है।

हालांकि, अय्यर के लिए इस सफर की शुरुआत आसान नहीं रही है। शुरुआती 7 मैचों में से 6 में मिली हार यह दर्शाती है कि उनके सामने कांटों भरा ताज है। लेकिन क्रिकेट का इतिहास गवाह है कि बड़े कप्तान वही बनते हैं जो मुश्किल दौर से अपनी टीम को निकालकर जीत की राह पर ले आते हैं। देखना दिलचस्प होगा कि अय्यर अपनी कप्तानी की इस परीक्षा में कैसे खरे उतरते हैं।

 

Uttam Ojha

उत्तम ओझा पिछले कई वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्हें खास तौर पर क्रिकेट न्यूज़, पॉलिटिकल अपडेट्स, वायरल मुद्दों और सोशल मीडिया ट्रेंड्स पर लेखन का अनुभव है। इन्होंने विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और न्यूज़ पोर्टल्स के लिए कंटेंट राइटर एवं न्यूज क्रिएटर के रूप में कार्य किया है। यह तेज़ और सटीक खबरों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। क्रिकेट से जुड़ी हर बड़ी अपडेट, मैच एनालिसिस और राजनीतिक घटनाक्रम पर इनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है। इसके अलावा वायरल, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी लगातार लेखन करते रहते हैं। वर्तमान में डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में कंटेंट राइटर और न्यूज पब्लिशर के तौर पर कार्यरत हैं।

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