Agra News: उत्तर प्रदेश सरकार आगरा को भविष्य का आधुनिक और सुव्यवस्थित शहर बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है. इसी कड़ी में ‘न्यू आगरा अर्बन सेंटर’ और ‘ग्रेटर आगरा’ जैसी दो महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर काम शुरू हो चुका है. इन प्रोजेक्ट्स का उद्देश्य आगरा को विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक जीवनशैली से लैस करना है.
यमुना एक्सप्रेसवे के अंतिम छोर पर आगरा जिले की सीमा में ‘न्यू आगरा अर्बन सेंटर’ विकसित किया जाएगा. इस परियोजना को यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) तैयार कर रहा है. मास्टर प्लान-2041 के तहत विकसित होने वाला यह शहर आकार में नोएडा का लगभग आधा होगा और इसे तीन प्रमुख जोनों में विभाजित किया जाएगा.
44 गांवों की जमीन पर बनेगा आधुनिक शहर
यह मेगा प्रोजेक्ट 44 गांवों की करीब 14,480 हेक्टेयर भूमि पर विकसित होगा. यहां लगभग 14 लाख लोगों के लिए आधुनिक आवासीय कॉलोनियां बनाई जाएंगी. साथ ही आईटी, टेक्सटाइल और अन्य प्रदूषण-मुक्त उद्योगों को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि ताजमहल के आसपास का पर्यावरण सुरक्षित रखा जा सके.
10 लाख लोगों को मिलेगा रोजगार
परियोजना में आईटी पार्क, टेक्सटाइल यूनिट, थीम पार्क, एंटरटेनमेंट जोन, विश्वस्तरीय होटल और व्यावसायिक केंद्र विकसित किए जाएंगे. सरकार का अनुमान है कि इससे करीब 10 लाख लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे.
कनेक्टिविटी होगी सबसे बड़ी ताकत
न्यू आगरा की सबसे बड़ी विशेषता इसकी शानदार कनेक्टिविटी होगी. प्रस्तावित योजना के अनुसार इसे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) से नमो भारत रैपिड रेल कॉरिडोर के जरिए जोड़ा जाएगा. इसके अलावा टूंडला के फ्रेट कॉरिडोर से कनेक्ट होने के कारण यह इलाका व्यापार और लॉजिस्टिक्स का बड़ा केंद्र बन सकता है.
मिलेंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं
ग्रेटर आगरा परियोजना में लोगों को आधुनिक शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. इनमें शामिल हैं-
- 24 घंटे बिजली और पानी की सुविधा
- अंडरग्राउंड बिजली लाइनें
- आधुनिक अस्पताल और स्कूल
- स्पोर्ट्स एकेडमी और क्रिकेट स्टेडियम
- बड़े शॉपिंग मॉल और मनोरंजन केंद्र
- बेहतर सड़क और हरित क्षेत्र
इस परियोजना की बुकिंग शुरू हो चुकी है, जो 29 जुलाई तक चलेगी.


