पटना:- बिहार की राजनीति में आज हलचल तेज हो गई है। लोगों के मन में यह सवाल कौंध रहा है कि, क्या डबल इस्तीफे से बिहार की राजनीति में होगी हलचल या बीजेपी करेगी कोई नया खेल? ऐसा इसलिए कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सोमवार को बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा देने जा रहे हैं। खास बात यह है कि वे परिषद नहीं जाएंगे, बल्कि सभापति खुद CM हाउस पहुंचकर उनका इस्तीफा लेंगे।
CM हाउस के अंदर इस दौरान कई बड़े नेता मौजूद हैं। राजीव रंजन सिंह उर्फ लल्लन सिंह, संजय झा और विजय कुमार चौधरी पहले से मौजूद हैं, जबकि बिजेंद्र प्रसाद यादव मुलाकात कर निकल चुके हैं।
वहीं दूसरी ओर, BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के इस्तीफे को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। संभावना है कि वे आज ही विधायक पद से इस्तीफा दे सकते हैं, लेकिन समय को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
ऐसा माना जाता है कि संवैधानिक नियमों के अनुसार राज्यसभा के सदस्य चुने जाने के बाद 14 दिनों के भीतर पुराने सदन की सदस्यता छोड़ना अनिवार्य होता है। इसी कारण दोनों नेताओं को आज ही इस्तीफा देना जरूरी हो गया है।
सूत्रों के अनुसार, नितिन नवीन फिलहाल असम में हैं और दोपहर बाद शाम तक दिल्ली पहुंचेंगे। बिहार विधान सभा सदस्यता से इस्तीफा का आज आखिरी दिन है, विधान सभा बंद होने का समय 05:00 बजे का है। समय कम होने के कारण वे फोन या ऑनलाइन माध्यम से भी इस्तीफा दे सकते हैं।
हालांकि, उनके BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर कोई खतरा नहीं बताया जा रहा है। परन्तु ऐसा प्रतीत हो रहा है कि जिस प्रकार नितिन नवीन को BJP आगे बढ़ाने का काम कर रही है, कहीं ऐसा न हो कि मुख्यमंत्री नीतीश की जगह नवीन ले लें। क्योंकि पश्चिम बंगाल में कायस्थ समाज के लोग भी अच्छे खासे हैं। और ऐसा माना जाता है कि पश्चिम बंगाल के करीब 50 विधान सभा सीटों पर बिहारी वोटर निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
कुल मिलाकर, आज का दिन बिहार की राजनीति के लिए बेहद अहम माना जा रहा है, जहां दो बड़े नेताओं के इस्तीफे से सियासी समीकरण बदलने के संकेत मिल रहे हैं।
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