सीवान (बिहार): जिले के बसंतपुर थाना क्षेत्र के सूर्यपुरा गांव में एक बेहद शर्मनाक और हृदयविदारक घटना सामने आई है। एक निजी स्कूल बस के ड्राइवर ने अपने ही स्कूल की पांचवीं कक्षा की 10 वर्षीय छात्रा के साथ दुष्कर्म किया। इस क्रम में बच्ची के शरीर से अत्यधिक रक्तस्राव को देख कर आरोपी ने उसे गंभीर हालत में खेत में मरने के लिए छोड़ दिया।
घटना के बाद बच्ची को गंभीर अवस्था में सीवान सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। मासूम बच्ची की शरीर से अधिक रक्त श्राव हो जाने के कारण उसकी जान बचाना मुश्किल था। परन्तु अस्पताल अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार सिंह ने समय की कमी और गंभीर हालत को देखते हुए पीएमसीएच (PMCH) रेफर न कर हिम्मत जुटाई और अत्यधिक रक्तस्राव को रोकने के लिए 6 डॉक्टरों की आपातकालीन टीम बनाई । इस टीम में डॉ. रीता सिन्हा, डॉ. अंजली निशा समेत महिला डॉक्टरों ने उसका ऑपरेशन कर उसे बचाने के लिए टांके लगाए । चिकित्सकों के अनुसार बच्ची की हालत नाजुक बनी हुई है और वह अभी बोलने की स्थिति में नहीं है, जिसके चलते पुलिस उसका बयान दर्ज नहीं कर सकी है।
मिली जानकारी के अनुसार, बच्ची रामनवमी के मौके पर गांव में लगे मेले को देखने गई थी। देर शाम घर लौटते समय रास्ते में उसे उसके हीं विद्यालय का बस का ड्राइवर मिला, जिसने पहचान का फायदा उठाकर उसे झांसे में लिया। आरोपी ने उसे बहाने से अपने साथ ले जाकर सुनसान जगह पर खेत में इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया और उसे वहीं छोड़कर फरार हो गया।
जब बच्ची देर तक घर नहीं लौटी तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद उसे एक सुनसान स्थान पर रोते हुए पाया गया। परिजन तुरंत उसे घर लाए और फिर पुलिस की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
बसंतपुर थाना अध्यक्ष संजीव कुमार सुमन ने बताया कि बच्ची की हालत नाजुक होने के कारण पीड़िता का बयान नहीं लिया गया है। परन्तु पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मोबाइल टावर लोकेशन के आधार पर आरोपी ड्राइवर को गिरफ्तार भी कर लिया है।


