नई दिल्ली:- संसद के बजट सत्र के बीच आज लोकसभा में एक सकारात्मक माहौल देखने को मिला, जब सभी दलों की सहमति से 8 विपक्षी सांसदों का निलंबन खत्म कर दिया गया। इस फैसले के साथ ही पिछले कुछ दिनों से जारी टकराव कम होने के संकेत मिले हैं।
संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने सदन में प्रस्ताव पेश किया, जिसे बिना किसी विरोध के पारित कर दिया गया। इसके बाद निलंबित सांसद- मणिकम टैगोर, अमरिंदर सिंह राजा वारिंग, गुरजीत सिंह औजला, हिबी ईडन, डीन कुरियाकोस, प्रशांत पाडोले, किरण कुमार रेड्डी और एस वेंकटेशन अब फिर से सदन की कार्यवाही में शामिल हो सकेंगे।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन को बताया कि एक दिन पहले सभी दलों के नेताओं के साथ बैठक हुई थी, जिसमें सभी ने संसद की गरिमा बनाए रखने और नियमों का पालन करने का भरोसा दिया। उन्होंने सदस्यों से अपील की कि वे संसद परिसर में तख्तियां, बैनर या AI से तैयार सामग्री का प्रदर्शन न करें और सदन की मर्यादा बनाए रखें।
दरअसल, पिछले महीने 3 तारीख को हंगामे और अभद्र व्यवहार के चलते इन सांसदों को पूरे बजट सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद से विपक्ष लगातार इसका विरोध कर रहा था और सदन की कार्यवाही भी कई बार बाधित हुई।
कांग्रेस के मुख्य सचेतक के. सुरेश ने की मांग
आप को बता दे कि आज स्थिति तब बदली जब कांग्रेस के मुख्य सचेतक के. सुरेश ने सदन में कहा कि कुछ घटनाएं अनजाने में हुईं और विपक्ष सदन के सुचारू संचालन में सहयोग करने के लिए तैयार है। इसके बाद माहौल नरम हुआ और प्रस्ताव लाया गया।
इस प्रस्ताव को समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव और NCP की सुप्रिया सुले सहित अन्य नेताओं ने समर्थन दिया। वहीं, JDU के राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) ने भी कहा कि संसद की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, यह फैसला सिर्फ सांसदों की वापसी भर नहीं है, बल्कि संसद में संवाद और सहयोग की वापसी का संकेत भी है। अब उम्मीद की जा रही है कि बजट सत्र के बाकी दिनों में हंगामे की जगह बहस और कामकाज को प्राथमिकता मिलेगी।


