नई दिल्लीः- केंद्र सरकार ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को जल्द लागू करने के लिए रणनीति पर तेजी से काम कर रही है। इस कानून के रास्ते में आ रही सबसे बड़ी बाधाओं जैसे नई जनगणना और परिसीमन, को दरकिनार करने के लिए सरकार वैकल्पिक फॉर्मूले पर विचार कर रही है, ताकि महिला आरक्षण को बिना देरी लागू किया जा सके।
मीडिया सूत्रों के मुताबिक, सरकार इस मुद्दे पर विपक्षी दलों के साथ सहमति बनाने की कोशिश में जुटी है। अभी तक प्रावधान यह है कि महिला आरक्षण तभी लागू होगा जब नई जनगणना पूरी हो और उसके बाद निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन किया जाए। लेकिन डिजिटल जनगणना 2026-27 तक खिंचने और परिसीमन प्रक्रिया में अतिरिक्त समय लगने की आशंका के चलते सरकार इस “बॉटलनेक” को खत्म करना चाहती है।
लॉटरी सिस्टम से तय हो सकती हैं सीटेंः-
प्रस्तावित योजना के तहत परिसीमन का इंतजार किए बिना ही लोकसभा और राज्य विधानसभा की सीटों को लॉटरी आधारित प्रणाली से चिन्हित किया जा सकता है। इस सिस्टम का उद्देश्य प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध बनाना है।
कितनी सीटें हो सकती हैं आरक्षित?
महिला आरक्षण कानून के तहत लोकसभा और विधानसभाओं में एक-तिहाई (33%) सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की जानी हैं।
वर्तमान में लोकसभा में 543 सीटें हैं, जिनमें से लगभग 181 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हो सकती हैं।
यदि भविष्य में परिसीमन के बाद सीटों की संख्या बढ़ती है (संभावित रूप से 800+ तक), तो महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों की संख्या 260 से अधिक तक जा सकती है।
इसी तरह, सभी राज्य विधानसभाओं में भी कुल सीटों का एक-तिहाई हिस्सा महिलाओं को मिलेगा।
SC/ST आरक्षण रहेगा बरकरारः-
आपको बता दे कि इस प्रस्ताव में यह स्पष्ट किया गया है कि अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए मौजूदा आरक्षण व्यवस्था जारी रहेगी। हालांकि, इस प्रक्रिया में फिलहाल जातिगत जनगणना के आंकड़ों को शामिल करने की योजना नहीं है।
राजनीतिक महत्वः-
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह नया फॉर्मूला लागू होता है, तो यह भारतीय राजनीति में महिलाओं की भागीदारी को ऐतिहासिक रूप से बढ़ा सकता है। इससे न केवल संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की संख्या बढ़ेगी, बल्कि नीति निर्माण में उनका प्रभाव भी मजबूत होगा।
सरकार का यह कदम नारी सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा बदलाव ला सकता है, बशर्ते इस पर व्यापक राजनीतिक सहमति बन जाए और इसे समयबद्ध तरीके से लागू किया जाए।


