वाराणसी/लखनऊ:- समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने वाराणसी में मुस्लिम युवकों द्वारा गंगा नदी में नाव पर इफ्तार करने के मामले में केस दर्ज होने को लेकर प्रशासन पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की कार्रवाई समाज में विभाजन पैदा करने के उद्देश्य से की जा रही है।
अखिलेश यादव ने कहा कि यदि नाव पर इफ्तार किया गया, तो इसमें आपत्ति क्यों होनी चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि संबंधित अधिकारियों- DM, SP और SO को भी “अच्छा खाना खिलाया जाना चाहिए था” और आरोप लगाया कि “हथेली गरम नहीं हुई, इसलिए कार्रवाई हो गई।”
SP प्रमुख ने यह भी कहा कि प्रशासन सरकार को खुश करने के लिए इस तरह के कदम उठा रहा है। उन्होंने वाराणसी में एक कथित लग्जरी जलयान का उदाहरण देते हुए कहा कि- एक जहाज चला था फाइव स्टार, उसमें महंगी-महंगी शराब रखी थी। उसके टॉयलेट का वेस्ट गंगा में जा रहा था। उस पानी जहाज के मालिक पर क्या कार्रवाई हुई? उस समय जो गड्ढे खोदकर छोड़ गए थे, उसकी गंदगी गंगा में पहुंची, लेकिन उस मामले में क्या कार्रवाई की गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि गंगा प्रदूषण से जुड़े अन्य मामलों में भी प्रशासन की ओर से सख्त कदम नहीं उठाए गए, जबकि इफ्तार जैसे धार्मिक आयोजन पर कार्रवाई की जा रही है।
अखिलेश यादव ने यह बयान सपा नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी द्वारा आयोजित रोजा इफ्तार पार्टी के दौरान दिया।
मामला क्या है?
वाराणसी में हाल ही में कुछ मुस्लिम युवकों द्वारा गंगा नदी में नाव पर इफ्तार करने का वीडियो सामने आया था, जिसके बाद स्थानीय प्रशासन ने संबंधित लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं।
फिलहाल, इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी जारी है और प्रशासन की कार्रवाई को लेकर अलग-अलग दलों की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं।
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